आषाढ़ का एक दिन

Āshāḍh Ka Ek Din – Kahani Ka Sankṣep (Brief)
लेखक: मोहन राकेश
विधा: आधुनिक हिन्दी नाटक का मील का पत्थर
कहानी का सार:
“आषाढ़ का एक दिन” प्रेम, त्याग और कला के द्वंद्व की कहानी है — जहाँ एक कवि का यश और एक स्त्री का प्रेम एक-दूसरे के विरोध में खड़े हो जाते हैं।
कहानी का केंद्र है कालिदास — युवा कवि जो गाँव में रहकर अपनी प्रेरणा मल्लिका के प्रेम से कविता रचता है। लेकिन जब उसे उज्जयिनी के दरबार से बुलावा आता है, वह यश और प्रसिद्धि की ओर बढ़ जाता है, मल्लिका को पीछे छोड़कर।
समय बीतता है — कालिदास विश्वविख्यात कवि बन जाता है, पर भीतर से खाली हो जाता है।
जब वह वर्षों बाद लौटता है, तो मल्लिका अब किसी और के साथ जीवन बिता रही होती है।
दोनों का मिलन संभव नहीं, पर उनके बीच का अधूरा प्रेम और मौन संवेदना पूरे नाटक में गूंजती रहती है।
मुख्य विषय:
-
कला बनाम जीवन
-
प्रेम बनाम महत्वाकांक्षा
-
स्त्री का मौन त्याग
-
आत्मिक अकेलापन
एक पंक्ति में सार:
“यश मिला, पर प्रेम खो गया — यही था कालिदास का सच, और मल्लिका की आषाढ़ की प्रतीक्षा।”
Details
Organizer
- drama dropouts
- Phone 7669927551
- View Organizer Website
Venue
- The Theater
-
8 E 9th Street
Chicago, IL 60605 United States + Google Map - Phone 8001234567
- View Venue Website
